Margdarshika G.S.T : मार्गदर्शिका वस्तु एवं सेवा कर - Rakesh Kumar

By Rakesh Kumar

Release Date: 2017-09-04

Genre: Business & Personal Finance

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भारत में 1 जुलाई, 2017 से GST लागू हो गया है। जीएसटी (GST), भारत के कर ढांचे में सुधार का एक बहुत बड़ा कदम है। वस्तु एवं सेवा कर (Goods and Service Tax) एक अप्रत्यक्ष कर कानून है, (Indirect Tax) है। जीएसटी एक एकीकृत कर है, जो वस्तुओं और सेवाओं दोनों पर लगेगा। जीएसटी लागू होने से पूरा देश, एकीकृत बाजार में तब्दील हो जाएगा और ज्यादातर अप्रत्यक्ष कर, जैसे-केंद्रीय उत्पाद शुल्क (Excise), सेवा कर (Service Tax), वैट (Vat), मनोरंजन, विलासिता, लॉटरी टैक्स आदि जीएसटी में समाहित हो जाएंगे। इससे पूरे भारत में एक ही प्रकार का अप्रत्यक्ष कर लगेगा।
 भारत का वर्तमान कर ढांचा (Tax Structure) बहुत ही जटिल है। भारतीय संविधान के अनुसार मुख्य रूप से वस्तुओं की बिक्री पर कर लगाने का अधिकार राज्य सरकार और वस्तुओं के उत्पादन व सेवाओं पर कर लगाने का अधिकार केंद्र सरकार के पास है। इस कारण देश में अलग-अलग प्रकार के कर लागू हैं, जिससे देश की वर्तमान कर व्यवस्था बहुत ही जटिल है। कंपनियों और छोटे व्यवसायों के लिए विभिन्न प्रकार के कर कानूनों का पालन करना मुश्किल होता है।

Margdarshika G.S.T : मार्गदर्शिका वस्तु एवं सेवा कर - Rakesh Kumar

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Genre: Business & Personal Finance

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भारत में 1 जुलाई, 2017 से GST लागू हो गया है। जीएसटी (GST), भारत के कर ढांचे में सुधार का एक बहुत बड़ा कदम है। वस्तु एवं सेवा कर (Goods and Service Tax) एक अप्रत्यक्ष कर कानून है, (Indirect Tax) है। जीएसटी एक एकीकृत कर है, जो वस्तुओं और सेवाओं दोनों पर लगेगा। जीएसटी लागू होने से पूरा देश, एकीकृत बाजार में तब्दील हो जाएगा और ज्यादातर अप्रत्यक्ष कर, जैसे-केंद्रीय उत्पाद शुल्क (Excise), सेवा कर (Service Tax), वैट (Vat), मनोरंजन, विलासिता, लॉटरी टैक्स आदि जीएसटी में समाहित हो जाएंगे। इससे पूरे भारत में एक ही प्रकार का अप्रत्यक्ष कर लगेगा।
 भारत का वर्तमान कर ढांचा (Tax Structure) बहुत ही जटिल है। भारतीय संविधान के अनुसार मुख्य रूप से वस्तुओं की बिक्री पर कर लगाने का अधिकार राज्य सरकार और वस्तुओं के उत्पादन व सेवाओं पर कर लगाने का अधिकार केंद्र सरकार के पास है। इस कारण देश में अलग-अलग प्रकार के कर लागू हैं, जिससे देश की वर्तमान कर व्यवस्था बहुत ही जटिल है। कंपनियों और छोटे व्यवसायों के लिए विभिन्न प्रकार के कर कानूनों का पालन करना मुश्किल होता है।

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