युक्ति के साथ करें आक्रमण
सुन ज़ू का कहना है कि एक कुशल नेतृत्वकर्ता, दुश्मन की सेना को बिना लड़े अपने अधीन कर लेता है. अपनी सेना को सही-सलामत रखते हुए वह उस वंश के स्वामित्व को छीन लेगा, और इस प्रकार बिना कोई आदमी गंवाए ही उसकी जीत पूरी हो जाएगी. यही युक्तिपूर्वक आक्रमण करने की नीति है.
युक्ति के साथ करें आक्रमण
सुन ज़ू का कहना है कि एक कुशल नेतृत्वकर्ता, दुश्मन की सेना को बिना लड़े अपने अधीन कर लेता है. अपनी सेना को सही-सलामत रखते हुए वह उस वंश के स्वामित्व को छीन लेगा, और इस प्रकार बिना कोई आदमी गंवाए ही उसकी जीत पूरी हो जाएगी. यही युक्तिपूर्वक आक्रमण करने की नीति है.